हमारी विचारधारा

स्वतंत्रता संग्राम में डॉ. राम मनोहर लोहिया ने उल्लेखनीय कार्य किया, वे समाजवादी दृष्टिकोन के समर्थक थे. समाजसेवा और समाजवाद के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित क्या. वे शोषितों और पसमांदा वर्गों के हक़ में आवाज़ उठाते और अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध अजीवन करते रहे. मार्च 1910 में युपी के फैजाबाद जिले में उनका जन्म हुआ. उन्होंने ऐसे परिवार में आँखे खोली, जो जातपात व्यवस्था के विरुद्ध था. सांप्रदायिकता और सामाजिक विषमता व उत्पीडन के इस देश में उन्होंने अपने परिवार से विरासत ही में समाजवाद पाया था. इन के पिता कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे और गांधीजी के अनुयायी थे. राम मनोहर लोहिया का दिल बचपन ही से अन्याय ग्रस्तो के पसीजा करता था.

इन की शिक्षा का आरंभ टंडन पाठशाला में प्रवेश लेकर हुआ इस के पश्चात माध्यमिक पाठशाला की शक्षा अकबरपुर के विस्वेश्वर्नाथ हायस्कूल में हुई.

बनारस हिन्दू विश्विद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा में यश संपादन किया और इस के पश्चात दया सागर महाविद्यालय कोलकत्ता में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु प्रवेश किया. 1932 में बर्लिन विश्विद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की पदवी प्राप्त की. इन के संशोधन का विषय 'भारत में नमक पर टैक्स' था. बर्लिन में आवास के दौरान इन्होने मार्क्स और हैगल के विचारसरणी का अभ्यास किया.

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Abu Asim Azmi